लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर ने उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सेंट्रल इंस्ट्रुमेंटेशन फैसिलिटी (सीआईएफ) की स्थापना का निर्णय लिया है। यह केंद्रीकृत सुविधा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्रों, शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों को उन्नत वैज्ञानिक उपकरणों तक पहुंच प्रदान करेगी, जिससे शोध कार्यों की गुणवत्ता और दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सीआईएफ के सुचारु संचालन के लिए एक वरिष्ठ शिक्षक को निदेशक के रूप में नामित किया जाएगा। विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की 04 अक्टूबर 2025 को आयोजित 39वीं बैठक में निदेशक, आईक्यूएसी द्वारा प्रस्तुत इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। यह प्रस्ताव अब प्रबंध बोर्ड की आगामी बैठक में अंतिम अनुमति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। प्रबंध बोर्ड की स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात इस केंद्र की स्थापना शीघ्र की जाएगी। सीआईएफ की स्थापना से न केवल अंतर्विभागीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह संसाधनों की बचत करेगा, क्योंकि प्रत्येक विभाग को अलग-अलग महंगे उपकरण खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। विशेषज्ञ तकनीशियनों की उपलब्धता और नियमित रखरखाव से उपकरणों की दक्षता बढ़ेगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना न्यूनतम होगी। यह केंद्र विश्वविद्यालय की शोध उत्पादकता को बढ़ाएगा, जिससे अधिक शोध पत्र, पेटेंट और नवाचारी परियोजनाओं का विकास होगा। साथ ही, यह सुविधा उद्योगों के लिए भी उपलब्ध होगी, जहां कंपनियां अपने उत्पादों का परीक्षण कर सकेंगी। इससे विश्वविद्यालय को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। पर्यावरणीय दृष्टिकोण से, साझा उपयोग से ऊर्जा और सामग्री की बर्बादी कम होगी। पिछले कुछ वर्षों में एमएमएमयूटी में शोध और अनुसंधान गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रयोगशालाओं की संख्या में वृद्धि हुई है और भविष्य में और प्रयोगशालाएँ स्थापित की जाएंगी। वर्तमान में, कई उपकरणों और प्रयोगशालाओं की आवश्यकता विभिन्न विभागों को होती है, जो अब तक विभागीय स्तर पर स्थापित की जाती रही हैं। सीआईएफ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा, जिससे उपकरणों का अधिकतम उपयोग, आसान रखरखाव और संसाधनों की बचत संभव होगी। यह पहल विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी शोध केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। कुलपति प्रो जे पी सैनी ने कहा कि “सेंट्रल इंस्ट्रुमेंटेशन फैसिलिटी की स्थापना एमएमएमयूटी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल हमारे शोधकर्ताओं और छात्रों को आधुनिक उपकरणों तक पहुंच प्रदान करेगा, बल्कि अंतर्विभागीय सहयोग और नवाचार को भी बढ़ावा देगा। हमारा लक्ष्य विश्वविद्यालय को वैश्विक शोध मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाना है, और यह फैसिलिटी उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
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