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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर को टाइम्‍स हायर एजुकेशन वर्ल्‍ड यूनिवर्सिटी के रैंकिंग्‍स 2025 में मिला महत्‍वपूर्ण स्‍थान

लखनऊ। राष्ट्रीय रैंकिंग NIRF (एनआईआरएफ) में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के बाद, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान सुदृढ़ करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, विश्वविद्यालय को अपने प्रथम प्रयास में ही ‘टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2025’ में विश्व के 1201-1500 रैंक बैंड में स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि भारत के शामिल संस्थानों में विश्वविद्यालय को 65वाँ स्थान मिला है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में शामिल होना शिक्षण, शोध, और नवाचार में उत्कृष्टता के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को उजागर करता है। उल्लेखनीय है कि इस रैंकिंग में उत्तर प्रदेश के केवल दो सार्वजनिक राज्य विश्वविद्यालयों, क्रमशः चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर को स्थान प्राप्त हुआ है। भारत से शामिल संस्थानों में हमेशा की तरह भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलुरु देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, यूनाइटेड किंगडम दुनिया में शीर्ष स्थान पर है। उल्लेखनीय है कि विश्व में विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता के सटीक और वास्तविक मापन के लिए तीन रैंकिंग प्रणालियाँ सबसे प्रतिष्ठित मानी जाती हैं: क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स, टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स, और शंघाई विश्वविद्यालय की एकेडमिक रैंकिंग ऑफ वर्ल्ड यूनिवर्सिटीज। आमतौर पर, इनमें से किसी एक रैंकिंग में अच्छा स्थान प्राप्त करने वाले विश्वविद्यालय अन्य दो रैंकिंग्स में भी बेहतर प्रदर्शन करते हैं। इस दृष्टिकोण से, एमएमएमयूटी को प्राप्त रैंक उसकी बढ़ती वैश्विक पहचान का संकेत है।टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन मुख्यतः पाँच मानदंडों—शिक्षण, शोध वातावरण, शोध गुणवत्ता, उद्योग आय, और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण—के आधार पर किया जाता है। प्रत्येक मानदंड पर विश्वविद्यालय का आकलन 100 अंकों में होता है, और प्रत्येक मानदंड का निश्चित वेटेज होता है: शिक्षण को 29.5%, शोध वातावरण को 29%, शोध गुणवत्ता को 30%, उद्योग आय को 4%, और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण को 7.5%। अंतिम मूल्यांकन 100 अंकों में किया जाता है। एमएमएमयूटी को इनमें से शिक्षण में 25.1, शोध वातावरण में 9.3, शोध गुणवत्ता में 53.8, उद्योग आय में 20.6, और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण में 18.5 अंक प्राप्त हुए हैं। शोध गुणवत्ता के मामले में विश्वविद्यालय का प्रदर्शन देश के कई अन्य विश्वविद्यालयों से बेहतर है। राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय को समग्र रूप से 65वाँ स्थान और शोध गुणवत्ता में 48वाँ स्थान प्राप्त हुआ है।इस उपलब्धि की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय में हर्षोल्लास का माहौल रहा। माननीय कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी ने सभी शिक्षकों, छात्र-छात्राओं, कर्मचारियों, और पुरातन छात्रों को बधाई दी। उन्होंने निदेशक, आईक्यूएसी, और रैंकिंग सेल के सभी पदाधिकारियों को भी शुभकामनाएँ दीं और कहा, “सभी की मेहनत से यह परिणाम प्राप्त हुआ है, और हमें इस रैंकिंग को और ऊपर ले जाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करना है। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल जी की सतत प्रेरणा व मार्गदर्शन, तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार से प्राप्त अपेक्षित सहयोग के कारण ही विश्वविद्यालय को यह उपलब्धि हासिल हुई है, जिसके लिए समूचा विश्वविद्यालय परिवार हृदय से कुलाधिपति और मुख्यमंत्री का आभारी है।”

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