आजमगढ़। नेक्स्ट ट्रेड नामक फर्जी ट्रेडिंग एप के माध्यम से की जा रही संगठित ऑनलाइन साइबर ठगी का बृहस्पतिवार को पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। अब तक की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देशभर में करीब एक करोड़ की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है। इस संबंध में विभिन्न राज्यों से लगभग 12 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस ने इस मामले में दो साइबरों ठगों को गिरफ्तार किया है। नोडल अधिकारी एसपी यातायात विवेक त्रिपाठी ने बताया कि थाना साइबर क्राइम में पंजीकृत प्राथमिकी के तहत यह कार्रवाई की गई है। इसमें पीड़ित अशोक कुमार अग्रवाल, निवासी बदरका, थाना कोतवाली ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने फेसबुक पर नेक्स्ट ट्रेड का विज्ञापन देखकर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। अभियुक्तों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर उन्हें नेक्स्ट ट्रेड नामक फर्जी ऐप डाउनलोड कराया और निवेश के लिए प्रेरित किया। विश्वास में आकर पीड़ित द्वारा कुल 8,99,000 रुपये की धनराशि निवेश की गई। शुरू में ऐप पर लाभ दिखाया गया, लेकिन जब निकासी का प्रयास किया गया तो धनराशि नहीं निकली और बाद में पीड़ित की आईडी ब्लॉक कर दी गई। इससे साइबर ठगी की पुष्टि हुई। एसपी यातायात विवेक त्रिपाठी ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में कार्य कर रहे थे। सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराकर निवेश कराया जाता था। प्राप्त धनराशि को म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाता था। जांच में कुछ बैंक कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पहले से हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक उपलब्ध कराते थे। खातों में पैसा आते ही चेक के माध्यम से तत्काल निकासी कर ली जाती थी। पूरे लेन-देन का हिसाब गिरोह द्वारा रखा जाता था। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में इंद्रजीत डे, स्थायी पता ए-69, ईस्ट दिल्ली और वर्तमान पता, अन्नपूर्णा नगर, थाना नाना खेड़ा, उज्जैन और अंकेश धाकड़, स्थायी पता जगतपुर, कोलारस शिवपुरी, वर्तमान पता अहिल्यापुरी, थाना भांवरकुंआ, इंदौर को गिरफ्तार किया है। इनके पास से तीन मोबाइल, तीन एटीम कार्ड, दो चेकबुक, एक बैंक आईडी, एक जियो सिम कार्ड, 870 रुपये नगद बरामद किए। इनमें से अंकेश धाकड़ कोटक महिंद्रा बैंक इंदौर का कर्मचारी है।
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