लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ICADMSES-2026 का समापन गरिमामय समापन सत्र के साथ हुआ। यह सम्मेलन उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (Council of Science and Technology, U.P.), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार तथा Jupiter Engineering Works के सहयोग से प्रायोजित था। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में Maj. Gen. (Dr.) Vibha Dutta, कार्यकारी निदेशक एवं CEO, AIIMS गोरखपुर उपस्थित रहीं। इस अवसर पर अतिथि सम्मान के रूप में Shri Ankit Rai, जोनल आयोजन सचिव, विज्ञान भारती (पूर्वी) उत्तर प्रदेश भी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि Maj. Gen. (Dr.) Vibha Dutta ने कहा कि इंजीनियरिंग अनुसंधान को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा की आवश्यकताओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उन्नत सामग्री, सतत ऊर्जा प्रणालियाँ तथा एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीकें बायोमेडिकल इम्प्लांट्स, हरित अस्पताल प्रौद्योगिकी तथा आपदा प्रबंधन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं। उन्होंने ऐसे सम्मेलनों को चिकित्सा-इंजीनियरिंग के मध्य पुल बनाने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया तथा शोधकर्ताओं को समाजोपयोगी अनुसंधान की ओर प्रोत्साहित किया। अतिथि सम्मान Shri Ankit Rai ने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान भारती के माध्यम से वैज्ञानिक नवाचारों को जन-जन तक पहुँचाना हमारा दायित्व है। उन्होंने ICADMSES-2026 को युवा शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों तथा विद्यार्थियों के लिए ज्ञान-आदान-प्रदान तथा वैश्विक सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया तथा सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में तकनीकी नवाचारों की भूमिका पर बल दिया। सम्मेलन के पैट्रन कार्यवाहक कुलपति Prof. V. K. Giri, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर ने अपने संबोधन में कहा कि Advanced Design, Manufacturing तथा Sustainable Energy Systems आधुनिक इंजीनियरिंग के तीन प्रमुख स्तंभ हैं। उन्होंने सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत शोध-पत्रों तथा कीनोट व्याख्यानों की सराहना करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में समन्वित शोध भविष्य की टिकाऊ प्रौद्योगिकी प्रणालियों का आधार बनेगा। समापन सत्र से पूर्व Keynote Speaker 12 के रूप में Miss Priya Vyas, Senior Editor (Atlantis Press), Springer Nature Group ने अपने ऑनलाइन व्याख्यान में शोध-पत्र प्रकाशन की प्रक्रिया, उच्च प्रभाव वाले जर्नलों में प्रकाशन के महत्व तथा नैतिकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने शोधकर्ताओं को वैश्विक दृश्यता प्राप्त करने तथा Springer Nature जैसे प्रकाशनों में अपने कार्यों को प्रकाशित करने के लिए प्रेरित किया। सम्मेलन के चेयरपर्सन Prof. Sanjay Mishra, Prof. Jeeoot Singh तथा Prof. V. K. Dwivedi के नेतृत्व में दो दिवसों में 12 कीनोट व्याख्यान तथा 10 तकनीकी सत्र आयोजित हुए, जिनमें देश-विदेश के लगभग 50 विशेषज्ञों तथा शोधकर्ताओं ने भाग लिया। Prof. P M V Subbarao (IIT Delhi), Dr. Anuj Kumar Sharma (AKTU), Dr. Kishor Kumar Sadasivuni (Qatar University), Prof. Majid Hassan Khan (BITS Pilani Dubai), Dr. Bhivraj Suthar (IIT Jodhpur) तथा अन्य विद्वानों ने सतत ऊर्जा, उन्नत सामग्री, रोबोटिक्स तथा एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग पर अपने विचार साझा किए। कुल 100 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें विद्यार्थी, शोधकर्ता तथा शिक्षक सक्रिय रूप से शामिल रहे। समापन सत्र के दौरान 11 सर्वश्रेष्ठ शोध-पत्रों को पुरस्कार प्रदान किए गए। आयोजन सचिव Dr. Pallav Gupta तथा Dr. Virendra Kumar ने समापन सत्र में सभी मुख्य अतिथियों, कीनोट स्पीकर्स, सत्र अधिवक्ताओं, शोधकर्ताओं तथा छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ICADMSES-2026 वैश्विक स्तर पर ज्ञान के आदान-प्रदान तथा शोध सहयोग को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त मंच सिद्ध हुआ है तथा भविष्य की टिकाऊ और उन्नत तकनीकी प्रणालियों के विकास में यह सम्मेलन सार्थक योगदान देगा। सम्मेलन के दौरान Atal Bhawan Seminar Hall, Vikram Sarabhai Seminar Hall, Aryabhatta Hall तथा अन्य स्थानों पर ऑनलाइन-ऑफलाइन मोड में सत्र चले। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। यह सम्मेलन सतत विकास, नवाचार तथा अन्तरविषयी सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

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