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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में अभ्युदय ’26 का भव्य समापन

लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में आयोजित वार्षिक कला, साहित्य एवं सांस्कृतिक महोत्सव “अभ्युदय ’26” का तृतीय एवं अंतिम दिवस अत्यंत उत्साह, विविधता एवं गरिमामयी आयोजनों के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। समापन दिवस पर विश्वविद्यालय परिसर में ऊर्जा, प्रतिस्पर्धा एवं रचनात्मकता का विशेष वातावरण देखने को मिला, जिसमें प्रतिभागियों एवं दर्शकों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया। अंतिम दिवस का शुभारंभ ‘स्प्लैश’ कार्यक्रम के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने रंगों एवं उत्साह के माध्यम से पूरे वातावरण को जीवंत कर दिया। इसके उपरांत ‘रेडर ज़ोन’ के फाइनल्स आयोजित किए गए, जहाँ प्रतिभागियों ने अपने कौशल एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। ‘ग्लेयर द अर्थेनवेयर’ में प्रतिभागियों ने मिट्टी की कलाकृतियों के माध्यम से अपनी सृजनात्मकता का परिचय दिया, वहीं ‘स्पीलबर्ग’ में फिल्म निर्माण से संबंधित प्रतिभाओं ने अपनी रचनात्मक सोच को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया। ‘डबल ट्रबल’ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने टीम वर्क एवं समन्वय का आकर्षक प्रदर्शन किया। नाट्य एवं अभिव्यक्ति के क्षेत्र में ‘इम्प्रोवमेनिया’, ‘कर्टेन कैओस’ एवं ‘ग्रेशिंग जेस्चर्स’ जैसे आयोजनों में प्रतिभागियों ने अपने अभिनय एवं मंचीय कौशल से दर्शकों को प्रभावित किया, वहीं ‘बंदिश’ ने संगीत की सुरमयी प्रस्तुतियों के माध्यम से वातावरण को मधुर बना दिया। कला के अंतर्गत ‘क्ले मॉडलिंग’ एवं ‘टोट बैग पेंटिंग’ जैसी प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता एवं सृजनात्मक दृष्टि का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। ‘रैपक्षेत्र’ में प्रतिभागियों ने अपनी शब्द-शक्ति एवं लय के माध्यम से जोशपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं, जिसने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। सांध्यकालीन सत्र में मुख्य मंच पर आयोजित सम्मान समारोह में विजेताओं एवं उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया, जिससे पूरे आयोजन को एक गरिमामयी आयाम प्राप्त हुआ। इसके पश्चात समापन समारोह के माध्यम से महोत्सव के सफल समापन की औपचारिक घोषणा की गई। दिन का प्रमुख आकर्षण ‘म्यूजिकल नाइट’ रहा, जिसमें प्रसिद्ध कलाकार सुधांशु राज खरे ने अपनी प्रस्तुति से समस्त दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके बहुचर्चित “वायरल सेंसेशन” की प्रस्तुति ने वातावरण को विशेष उत्साह एवं ऊर्जा से भर दिया, जिसने उपस्थित जनसमूह को देर तक झूमने पर विवश कर दिया। समग्र रूप से, अभ्युदय ’26 का अंतिम दिवस कला, संस्कृति, संगीत एवं प्रतिभा का भव्य उत्सव बनकर उभरा। तीन दिनों तक चले इस महोत्सव ने प्रतिभागियों को अपनी अभिव्यक्ति के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया तथा दर्शकों को विविध अनुभवों से समृद्ध किया। आयोजन समिति के समर्पित प्रयासों, प्रतिभागियों के उत्साह एवं दर्शकों की सक्रिय सहभागिता ने “अभ्युदय ’26” को अत्यंत सफल एवं अविस्मरणीय बना दिया।

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