लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), गोरखपुर ने शोध एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के आठ संकाय सदस्यों को ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स (Global Scientific Index – GSI) जून 2026 में स्थान प्राप्त हुआ है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सूचकांक विश्वभर के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध प्रभाव, वैज्ञानिक योगदान तथा विद्वतापूर्ण उपलब्धियों के आधार पर मान्यता प्रदान करता है। ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स में एमएमएमयूटी के शिक्षकों की उल्लेखनीय उपस्थिति विश्वविद्यालय की बढ़ती शोध क्षमता, नवाचार-उन्मुख वातावरण तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होती शैक्षणिक प्रतिष्ठा का प्रमाण है।=सूचकांक में स्थान प्राप्त करने वाले संकाय सदस्यों में शामिल हैं—
- प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा, माननीय कुलपति – शीर्ष 5%
- डॉ. रवि शंकर, रसायन अभियंत्रण विभाग – शीर्ष 5%
- डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, यांत्रिक अभियंत्रण विभाग – शीर्ष 1%
- प्रो. संजय मिश्रा, यांत्रिक अभियंत्रण विभाग – शीर्ष 5%
- डॉ. पल्लव गुप्ता, यांत्रिक अभियंत्रण विभाग – शीर्ष 5%
- डॉ. सत्य प्रकाश यादव, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियंत्रण विभाग – शीर्ष 5%
- प्रो. डी. के. द्विवेदी, भौतिकी विभाग – शीर्ष 5%
- डॉ. सात्विक वत्स, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियंत्रण विभाग – शीर्ष 5%
यह उपलब्धि संबंधित शिक्षकों के उच्च गुणवत्ता वाले शोध, प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन, शोध उद्धरणों, शोधार्थियों के मार्गदर्शन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान का प्रतिफल है। इस सम्मान ने देश के अग्रणी तकनीकी विश्वविद्यालयों में एमएमएमयूटी की पहचान को और अधिक मजबूत किया है। इस अवसर पर कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा: “ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स में हमारे संकाय सदस्यों का स्थान प्राप्त करना सम्पूर्ण एमएमएमयूटी परिवार के लिए गर्व का विषय है। यह सम्मान हमारे शिक्षकों की निष्ठा, परिश्रम और शोध उत्कृष्टता का प्रतीक है। हमारे शिक्षक विज्ञान, प्रौद्योगिकी और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मैं सभी सम्मानित संकाय सदस्यों को इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देती हूँ। उनकी सफलता न केवल विश्वविद्यालय को गौरवान्वित करती है, बल्कि विद्यार्थियों, शोधार्थियों और युवा शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत भी है। एमएमएमयूटी शोध एवं नवाचार की सशक्त संस्कृति को बढ़ावा देने तथा वैश्विक चुनौतियों के समाधान हेतु प्रभावी एवं नवोन्मेषी अनुसंधान को निरंतर प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।” विश्वविद्यालय परिवार ने सभी सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएँ एवं बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि उनके निरंतर योगदान से एमएमएमयूटी की शैक्षणिक एवं शोध संबंधी प्रतिष्ठा राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर और अधिक सुदृढ़ होगी।

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