लखनऊ। राज्यसभा सांसद एवं यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय के परिसर में बिताए गए दिन शिक्षकों और विद्यार्थियों के जीवन की स्वर्णिम धरोहर हैं। वाणिज्य संख्याएं लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता प्रोफेसर सोमेश शुक्ला जी के अवकाश ग्रहण समारोह मैं उपस्थित शिक्षकों एवं शोध छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में यह समय आता है पर पुरानी बाते एवं उपब्धियां जीवन में सतुष्टि का भाव देती है। उनका कहना था कि समय के बदलाव के चलते ही समाज में आज अधिक आयु व्यक्ति का नहीं बल्कि अधिक आय वाले का सम्मान होने लगा है। उन्होंने हास्य करते हुए कहा कि अवकाश ग्रहण करने वाले के पास आय और आयु दोने ही अधिक होते हैं। अवकाश ग्रहण समारोह को सम्बोधित करते हुए सांसद ने कहा कि समाज में प्रतिष्ठा उनकी ही होती है जो हिम्मत दिखाते हैं और प्रगति भी सिर्फ वे ही करते हैं जिनका विरोध होता है। विरोध को सहज भाव में लेने पर ही प्रगति होती है। जो आगे बढता है निन्दक उसके पीछे होते हैं जिन्हे सहज भाव में लेना चाहिए। काम ऐसा होना चाहिए कि आलोचक भी समर्थक बन जाएं। उन्होंने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय का गौरवशाली इतिहास रहा है। कक्षा में छात्रों की उपस्थिति बताती है कि शिक्षक कितना श्रेष्ठ है। अच्छे शिक्षक की क्लास छात्र कभी नहीं छोडते हैं। डा. शर्मा ने कहा कि व्यस्त रहने से दुख कम होते हैं। खाली रहने से मन में विकृत विचार आते हैं। जीवन में वाणी को मृदु रखना चाहिए। जीवन में उतार चढाव और बुलन्दियां आती है पर बेहतरीन व्यक्ति वहीं है जो इसके बीच में अपनी कमियों को भी देख सके। ये जीवन में आंख के खुलने के समान है। भारी संख्या में शिक्षक एवं शोध छात्र उपस्थित थे, शिक्षक सभा को वाणिज्य संकाय की अधिष्ठाता प्रोफेसर अर्चना सिंह विभाग का अध्यक्ष प्रोफेसर राममिलन यादव पूर्व अधिष्ठाता प्रोफेसर सोमेश शुक्ला एवं वरिष्ठ प्रोफेसर राजीव महेश्वरी जी ने संबोधित किया।
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