लखनऊ। प्रदेश की ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें इनमें प्रशासक नियुक्त करने के राज्य सरकार के आदेश को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने मामले में 3 जून को सरकारी वकील को सरकार से जानकारी लेकर पक्ष पेश करने को कहा है। न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश ओमप्रकाश प्रजापति की जनहित याचिका पर शुरुआती सुनवाई के बाद दिया। गौरतलब है की पिछले माह प्रदेश की ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल पूरा होने पर राज्य सरकार ने आदेश जारी करके वहां के प्रधानों को ही उनकी ग्राम पंचायतों में बतौर प्रशासक नियुक्त कर दिया था। याचिकाकर्ता ने इस आदेश को कानून की मंशा के खिलाफ कहकर इसे चुनौती दी है। याची के वरिष्ठ अधिवक्ता अमरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने बताया कि अदालत ने इस मामले में पेश हुए सरकारी वकील को राज्य सरकार से निर्देश (जानकारी) लेकर बुधवार को अपना पक्ष पेश करने का निर्देश दिया है।
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